
बगलामुखी विद्वेषण मंत्र एक अत्यंत गूढ़ और रहस्यमय मंत्र है जो तंत्र साधना के अंतर्गत आता है। इस मंत्र का मुख्य उद्देश्य विद्वेषण या शत्रुओं को नियंत्रित करना और उनके बुरे प्रभाव से मुक्ति दिलाना होता है। बगलामुखी माता, जिन्हें पीतांबरा देवी के नाम से भी जाना जाता है, को विशेष रूप से तांत्रिक और साधक अत्यंत श्रद्धा से पूजते हैं। वे समस्त दुष्ट शक्तियों का नाश करने और भक्तों की रक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं।
“ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा।”
इस मंत्र का हर शब्द एक विशेष ऊर्जा और शक्ति से युक्त होता है। ‘ह्लीं’ बीज मंत्र है, जो शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। ‘बगलामुखि’ देवी का नाम है, जो शत्रुओं का नाश करने और बुराइयों से रक्षा करने वाली देवी हैं। इस मंत्र का नियमित उच्चारण व्यक्ति को असीम ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
पंडित राम नारायण गुरुजी, नलखेड़ा के प्रसिद्ध तांत्रिक और अनुभवी ज्योतिषाचार्य हैं, जो अपनी विद्या और साधना के लिए जाने जाते हैं। वे वर्षों से देवी आराधना, तंत्र क्रियाओं और कुंडली विश्लेषण के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। गुरुजी की विशेषता है कि वे जटिल समस्याओं के लिए भी सरल और प्रभावी उपाय बताते हैं। उनकी मार्गदर्शन से अनेक भक्तों को मानसिक शांति, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हुई है। वे पूर्ण श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ कराते हैं।